Wednesday, August 22, 2018

...बनारस को उसका भागीरथ मिल गया (पार्ट 1)



जिस तरह से गंगा को शिवजी की जटाओं से धरती पर लाने का काम भागीरथ ने किया था। ठीक उसी तरह बनारस यानी वाराणसी यानी काशी में विकास की गंगा बहाने का काम किया है उसके सांसद और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने। बनारस की पहचान भले ही मोदी के वाराणसी के सांसद बनने से कई सौ सालों पहले से हो लेकिन ये भी सच है कि वाराणसी का जितना नाम पिछले 4 सालों में लिया गया है, उतना शायद ही पहले कभी लिया गया हो । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सौभाग्य है कि वाराणसी ने उन्हें अपना सांसद चुना और ये वाराणसी का अहोभाग्य है कि नरेंद्र मोदी ने अपने सांसद और प्रधानमंत्री बनने का आभार विकास की गंगा के रूप में जताया । वाराणसी में जिस पैमाने पर विकास के काम हो रहे हैं उसका एक चौथाई भी अब से पहले तक नहीं हुआ था । वाराणसी में हुए विकास कामों का एक-एक विवरण दूंगा आपको ताकि आपको पता लग सके कि आखिर एक प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र और दुनिया के सबसे पुराने जिंदा शहर का जब मिलन होता है तो आखिर वो कैसा दिखता है । शुरुआत वाराणसी में रेलवे के विकास से ।
-   देश की पहली महामना एक्सप्रेस वाराणसी को मिली, जो दूसरे रेलवे कोच के मुकाबले बेहद आधुनिक और सुविधाजनक है । महामना एक्सप्रेस नई दिल्ली से वाराणसी के लिए शुरू की गई ।


-   वाराणसी में कैंट रेलवे स्टेशन के पुनर्निर्माण का काम चल रहा है । प्लेटफॉर्म नंबर 1 को आधुनिक बनाया जा रहा है, इसके साथ ही कैंट रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म का भी विस्तार किया जा रहा है । स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ियां भी लगाई गई हैं ।
-   वाराणसी के मंडुआडीह से शिवगंगा एक्सप्रेस पहले से चलती थी लेकिन स्टेशन नाम मात्र का बनाया गया था। मोदी सरकार आने के बाद इस स्टेशन का कायापलट हो गया। अब इसे फाइव स्टार स्टेशन बनाने की दिशा में काम चल रहा है । प्लेटफॉर्म पर सुंदरता के अलावा, नए प्लेटफॉर्म का निर्माण, नई बिल्डिंग का निर्माण आदि काम तेजी से चल रहा है ।

-   वाराणसी में रेलवे का कायापलट करने के लिए वाराणसी से इलाहाबाद को जोड़ने वाली सिंगल लाइन को न सिर्फ डबल लाइन करने का काम तेजी से चल रहा है बल्कि उसके विद्युतीकरण का भी काम भी जारी है । इससे इलाहाबाद से आने-जाने वाली ट्रेनों का समय कम लगेगा ।
-   वाराणसी के आस पास के छोटे छोटे स्टेशनों पर भी विकास के काम चल रहे हैं । इसके अलावा वाराणसी के काशी स्टेशन को भी मॉडल स्टेशन बनाने का काम शुरू हो गया है । काशी स्टेशन गंगा नदी के किनारे हैं, यहां से सड़क मार्ग और जल मार्ग को जोड़ने का प्रोजेक्ट है, जिस पर काम चल रहा है ।
-   वाराणसी की पहचान है मालवीय सेतु यानी राजघाट का पुल चूंकि ये अंग्रेजों के जमाने में बनाया गया था लिहाजा रेलवे ने इस पुल के समानांतर एक पुल बनाने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है । इसके निर्माण में समय लगेगा लेकिन ये भी जल्द मूर्त रूप ले लेगा ।
-   इसके अलावा वाराणसी के पास गाजीपुर जिले में भी रेलवे के विकास के कई काम हुए हैं ।
-   कुल मिलाकर वाराणसी के लिए रेलवे की ओर से बहुत से काम किए जा रहे हैं । इसके पीछे एक वजह पीएम मोदी हैं तो दूसरी ओर वाराणसी के बीएचयू से पढ़े और गाजीपुर के सांसद मनोज सिन्हा जो कि रेल राज्य मंत्री हैं उनकी मेहनत है ।
-   वाराणसी के लोगों के लिए इससे बेहतर क्या हो सकता है कि रेलवे के लिए जोरदार काम पीएम मोदी ने किया है, जिसका सीधा फायदा बनारस की आम जनता को होगा ।
-   अब अगली कड़ी में आपको बताऊंगा कि वाराणसी में सड़कों लिए सांसद नरेंद्र मोदी ने क्या-क्या किया है
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