अब से करीब 200 साल
पहले बनारस से होते हुए दुनिया के सबसे लंबे हाईवे का निर्माण कराया था शेरशाह
सूरी ने । उसके बाद वाराणसी में सड़कों का निर्माण तो हुआ लेकिन किसी नामी हाईवे
को लेकर कोई काम नहीं हुआ । आज से करीब 16 साल पहले अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व
वाली सरकार ने वाराणसी से होते हुए फिर एक जबरदस्त हाईवे का निर्माण कराया, जिसे
नाम दिया गया स्वर्णिम चतुर्भुज(गोल्डन क्वाडिलेट्रल) ये देश के चारो महानगरों को
जोड़ती है । इस सड़क के निर्माण के बाद एक बार फिर वक्त ठहर सा गया । किसी हाईवे
का निर्माण बनारस या उसके आस-पास के जिलों में नहीं किया गया, जबकि ये माना जाता
है कि हाईवे विकास की सड़क होती है । 2014 में नरेंद्र मोदी के वाराणसी का सांसद
और देश का प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद देश में हाईवे का जाल बिछाने के
महाअभियान की फिर से शुरूआत हुई । इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी
जिम्मेदारी सौंपी सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को । पीएम मोदी के संसदीय
क्षेत्र वाराणसी को इसके आस-पास के जिलों से आवागमन आसान बनाने के लिए हाईवे के
जाल बनाने का संकल्प नितिन गडकरी ने लिया । आपको एक-एक कर बताते हैं कि बनारस के
आस पास हाइवे का कितना घना जाल बना रहे हैं सांसद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- वाराणसी से जौनपुर को जोड़ने वाली सड़क, जो
बाबतपुर हवाई अड्डे से होकर गुजरती है, उसे 4 लेन से 8 लेन में बदलने का काम तेजी
से चल रहा है
- वाराणसी में जाम की समस्या को देखते हुए वाराणसी
के बाहरी इलाकों से होते हुए रिंग रोड फेज 1(16 किलोमीटर) का काम 90 फीसदी पूरा हो
चुका है, जबकि रिंग रोड फेज2 (53 किमी.) लंबा काम शुरू हो चुका है ।
- वाराणसी से गोरखपुर जाने वाली सड़क(सवा दो सौ
किलोमीटर) जोकि 2 लेन की थी उसे भी 4 लेन करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है ।
- वाराणसी से आजमगढ़ जाने वाली दो लेन सड़क(177
किमी.) को 4 लेन हाइवे में तब्दील करने का काम चल रहा है।
- बनारस-सुल्तानपुर फोर लेन का काम भी शुरू हो चुका है, ये
सड़क लखनऊ जाने के लिए समय को कम कर देगी ।
- वाराणसी से बिहार के औरंगाबाद को
जोड़ने के लिए 6 लेन का हाईवे बनाने का प्रस्ताव पास हो चुका है ।
- वाराणसी-शक्तिनगर को जोड़ने वाली
सड़क(117 किलोमीटर) को 6 लेन के हाईवे में तब्दीन करने का काम भी तेजी से चल रहा
है, हालांकि ये सड़क यूपी सरकार बना रही है, हालांकि इसका श्रेय भी मोदी सरकार को जाता है ।
- इन सबके अलावा स्वर्णिम चुतुर्भुज की सड़क जो
इलाहाबाद हंडिया से होते मोहनसराय बाईपास होते हुए चंदौली तक जाती है, उसके हंडिया-चंदौली
तक का रास्ता जो पहले 4 लेन का था उसे 6 लेन का काम अंतिम चरण में है
- कुल मिलाकर वाराणसी को उसके आस-पास के जिलों से
मजबूत और चौड़ी सड़क से जोड़ने से न सिर्फ वाराणसी का विकास होगा बल्कि उसके
आस-पास के जिले भी विकसित होंगे ।
- अगली कड़ी में आपको बताऊंगा कि स्वास्थ्य के
मामले में कैसे बनारस को उसका भागीरथ मिल गया है




